Rahul Gandhi defamation case: राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में आज क्या होगा?

सुल्तानपुर कोर्ट में फैसले की तैयारी
सुल्तानपुर। Rahul Gandhi defamation case: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में सोमवार, 26 अक्टूबर को फैसला सुनाया जाना है। इस Rahul Gandhi defamation case में अदालत के निर्देश के अनुसार राहुल गांधी सुल्तानपुर पहुंच रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह लखनऊ एयरपोर्ट से रवाना हो चुके हैं। मामले में फैसला सुनाए जाने के समय उनकी मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए अदालत ने पहले ही आदेश जारी किया था।
13 अक्टूबर को पूरी हो गई थी सुनवाई
सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए अदालत में इस मामले पर दोनों पक्षों की बहस 13 अक्टूबर को पूरी हो गई थी। स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने सभी दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाने के लिए 26 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की थी। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि निर्णय के समय सांसद राहुल गांधी को उपस्थित रहना होगा।
अब इस Rahul Gandhi Sultanpur court मामले में अदालत के निर्णय पर नजर है। प्रकरण की सुनवाई एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रही है, जहां दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए हैं।
किस बयान को लेकर दर्ज हुआ था मानहानि का मुकदमा?
इस मामले की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी। सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था। शिकायतकर्ता ने गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी की ओर से की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
यह मामला Amit Shah defamation case के रूप में भी चर्चा में रहा है। शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी की टिप्पणी मानहानिकारक थी। इसके बाद मामले की सुनवाई संबंधित एमपी-एमएलए अदालत में शुरू हुई।
राहुल गांधी के वकील ने क्या दलील दी?
अदालत में दाखिल लिखित बहस के दौरान राहुल गांधी के अधिवक्ता ने विवादित बयान दिए जाने की बात स्वीकार की। हालांकि, उन्होंने तर्क दिया कि बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था। बचाव पक्ष ने अपनी दलीलों में इस पहलू सहित अन्य बिंदुओं को भी रखा।
दूसरी ओर, परिवादी विजय मिश्र के अधिवक्ता ने बयान दिए जाने की बात स्वीकार किए जाने को आधार बनाते हुए राहुल गांधी को दोषी ठहराने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की पत्रावली निर्णय के लिए सुरक्षित कर ली थी।
अब फैसले पर टिकी हैं निगाहें
26 अक्टूबर को निर्धारित सुनवाई के साथ इस मानहानि मामले (Rahul Gandhi defamation case) की अगली महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया सामने आनी है। अदालत दोनों पक्षों की ओर से रखे गए तर्कों और मामले के रिकॉर्ड के आधार पर निर्णय सुनाएगी। फैसले से पहले यह स्पष्ट है कि बचाव पक्ष ने बयान को संदर्भ से अलग करके पेश किए जाने का तर्क दिया है, जबकि परिवादी पक्ष ने बयान स्वीकार किए जाने के आधार पर दोषसिद्धि की मांग की है।
