BJP Padyatra Campaign 2026: INDIA ब्लॉक की रैली के बीच भाजपा का देशव्यापी अभियान

त्योहारों के दौरान व्यापारिक गतिविधियों पर असर की आशंका के चलते विपक्षी रैली की तारीख पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
नई दिल्ली। BJP Padyatra Campaign 2026: देश की राजनीति में नवंबर की शुरुआत में भाजपा और विपक्षी INDIA ब्लॉक के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होने वाली हैं। INDIA ब्लॉक ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ नाम से बड़ी रैली आयोजित करने की योजना बनाई है। इसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी देशभर में महीनेभर का अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत पार्टी के वरिष्ठ नेता, मुख्यमंत्री और मंत्री अलग-अलग राज्यों में पदयात्राओं में शामिल होंगे।
भाजपा का यह कार्यक्रम (BJP Padyatra Campaign 2026) ऐसे समय में सामने आया है, जब विपक्ष चुनाव आयोग और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठा रहा है। वहीं, प्रस्तावित रैली की तारीख पर 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी और त्योहारों के दौरान दिल्ली के कारोबार पर संभावित असर को लेकर भी विवाद सामने आया है।
भाजपा के पदयात्रा अभियान में कौन-कौन से बड़े नेता होंगे शामिल?
भाजपा की योजना के मुताबिक, पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्री देश के अलग-अलग हिस्सों में पदयात्राओं में हिस्सा लेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के भी कुछ कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना जताई गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, शाह 2 नवंबर को हैदराबाद में भाजपा की पदयात्रा में हिस्सा लेंगे। इसके बाद 5 नवंबर को हरियाणा के करनाल में भी उनके पदयात्रा में शामिल होने का कार्यक्रम बताया गया है।
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हैदराबाद में प्रस्तावित पदयात्रा को भाजपा के चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के अभियान के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव के मुताबिक, हैदराबाद में कार्यक्रम का विषय ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रखा गया है।
इस तरह नवंबर की शुरुआत में दिल्ली में विपक्ष की रैली और उसके बाद भाजपा की अलग-अलग राज्यों में प्रस्तावित पदयात्राओं के जरिए दोनों पक्ष अपने राजनीतिक संदेश जनता तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं।
INDIA ब्लॉक की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली क्यों हो रही है?
विपक्षी INDIA ब्लॉक ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने की घोषणा की है। इस कार्यक्रम का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण है।
विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में अनियमितताएं हो रही हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी चुनावी प्रक्रिया और मतदान के अधिकार को प्रभावित कर सकती है। इसी मुद्दे को उठाते हुए विपक्ष ने ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए हैं।
विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है। हालांकि, ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप और राजनीतिक मांगें हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
रैली के आयोजन के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से पहले अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। इसके तहत 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक सुरक्षा और यातायात संबंधी समन्वय को मंजूरी दी गई थी।
1 नवंबर की तारीख पर विवाद क्यों बढ़ा?
INDIA ब्लॉक की रैली की तारीख को लेकर भाजपा ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर सवाल उठाए हैं। भाजपा का कहना है कि 1 नवंबर 1984 में दिल्ली में हुए सिख-विरोधी दंगों की बरसी है। पार्टी इसी आधार पर विपक्षी गठबंधन के कार्यक्रम की तारीख पर आपत्ति जता रही है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब रैली का उद्देश्य चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को व्यापक रूप देना है। एक ओर विपक्ष मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और कथित ‘वोट चोरी’ को प्रमुख मुद्दा बना रहा है, वहीं भाजपा रैली की तारीख को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रही है।
इस बीच, प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने भी अपनी चिंताएं सामने रखी हैं। उनका कहना है कि त्योहारों से ठीक पहले बड़ी रैली होने से बाजारों तक ग्राहकों की पहुंच, यातायात और कारोबार प्रभावित हो सकते हैं।
व्यापारियों ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से क्या अपील की?
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली की तारीख आगे बढ़ाने की अपील की है। व्यापारियों के संगठन ने सुझाव दिया कि कार्यक्रम 10 नवंबर के बाद आयोजित किया जाए, ताकि त्योहारों के दौरान व्यापारिक गतिविधियों में बाधा की आशंका कम हो सके।
CTI ने अपनी अपील में धनतेरस, दिवाली और भाई दूज के आसपास होने वाली खरीदारी का हवाला दिया है। संगठन की चिंता है कि रामलीला मैदान के आसपास सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंध लागू होने से दिल्ली के प्रमुख बाजारों में ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
26 अक्टूबर को सामने आए घटनाक्रम में खरगे ने व्यापारियों की अपील मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इस विषय पर कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के सहयोगी दलों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इसका फैसला चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।
खरगे ने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ संबंधी अभियान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मतदान का अधिकार आम जनता और व्यापारियों सहित सभी के लिए अहम है। हालांकि, उन्होंने व्यापारियों की चिंताओं पर विचार करने की बात भी कही।
व्यापारियों के संगठन ने खरगे के बयान का स्वागत किया है। CTI ने इसे दिल्ली के व्यापारियों की समस्याओं पर विचार किए जाने की उम्मीद के रूप में देखा है। फिलहाल, रैली को स्थगित करने या उसकी तारीख बदलने का अंतिम फैसला घोषित होने की जानकारी नहीं है।
भाजपा ने खरगे के बयान पर X पर क्या पोस्ट किया?
रैली से पहले भाजपा ने सोशल मीडिया मंच X पर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन को निशाने पर लेते हुए एक पोस्ट किया। पार्टी ने लिखा, “आप सभी भारत-विरोधी ताकतों को यह बताते हुए खेद है, लेकिन मोदी कहीं नहीं जाएंगे।”
यह पोस्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक टिप्पणी को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा था, “मोदी का बाप भी जाएगा।” भाजपा ने इसी बयान के संदर्भ में विपक्ष पर निशाना साधा।
इस घटनाक्रम ने भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी बयानबाजी को और चर्चा में ला दिया है। एक ओर INDIA ब्लॉक चुनाव आयोग और मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों पर रैली की तैयारी कर रहा है, वहीं भाजपा अपने प्रस्तावित पदयात्रा अभियान के जरिए राजनीतिक जवाब देने की तैयारी में है।
नवंबर की शुरुआत में भाजपा और INDIA ब्लॉक के कार्यक्रमों पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ दिल्ली के व्यापारिक संगठनों की भी नजर रहेगी। भाजपा का महीनेभर का पदयात्रा अभियान (BJP Padyatra Campaign 2026) अलग-अलग राज्यों में आयोजित किया जाना है, जबकि विपक्षी गठबंधन की 1 नवंबर की रैली की तारीख पर व्यापारियों की अपील के बाद विचार-विमर्श चल रहा है।
अमित शाह के हैदराबाद और करनाल के कार्यक्रम, विपक्ष की चुनाव आयोग संबंधी मांगें और रैली की तारीख पर अंतिम निर्णय आने वाले दिनों के प्रमुख घटनाक्रम होंगे। फिलहाल, भाजपा के अभियान की तैयारियों और INDIA ब्लॉक की प्रस्तावित रैली के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं।
